अधिगम एवं शिक्षण (Learning & Teaching)

सीखना (अधिगम) व्यक्ति के व्यवहार में परिवर्तन लाता है। सीखने की कुछ प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  • सीखना परिवर्तन है: सीखने से व्यक्ति के व्यवहार, इच्छाओं, विचारों और भावनाओं आदि में परिवर्तन आता है। उदाहरण के लिए, किसी खेल को एक बार गलत खेलने पर और उसका अभ्यास करने पर खिलाड़ी के व्यवहार में सुधार आ जाता है।
  • सीखना विकास है: प्रत्येक व्यक्ति या विद्यार्थी जब नए अनुभव प्राप्त करता है, तो उसका शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार से विकास होता है। इस प्रकार हुए विकास का उपयोग विद्यार्थी नए पाठों को समझने में करता है।
  • सीखना जीवनपर्यन्त चलता है: प्रत्येक व्यक्ति जन्म से लेकर मृत्यु तक कुछ न कुछ सीखता रहता है और इस अर्जित ज्ञान का उपयोग करके वह जीवन में उन्नति करता है।
  • सीखना अनुभवों का संगठन है: सीखना नए और पुराने अनुभवों का संगठन है। जैसे—यदि कोई व्यक्ति सड़क पर दाईं तरफ (गलत दिशा) चलने के कारण किसी वाहन से टकरा जाता है, तो उसे यह अनुभव प्राप्त होता है कि सड़क पर हमेशा बाईं तरफ ही चलना चाहिए। इस अनुभव का प्रयोग वह भविष्य में साइकिल या कोई अन्य वाहन चलाने के लिए करता है। इस प्रकार अनुभवों को संगठित करके वह अपने व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाता है।
  • सीखना उद्देश्यपूर्ण होता है: प्रत्येक व्यक्ति या बालक किसी न किसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर ही कोई कार्य सीखता है। जब उसे किसी लक्ष्य की प्राप्ति करनी होती है, तो वह उसी के अनुकूल अधिगम करता है। उद्देश्य के अभाव में सीखा हुआ ज्ञान स्थायी या सफल नहीं होता।
  • सीखना मानव की प्रवृत्ति है: मानव में वस्तुओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करने की उत्सुकता सदैव बनी रहती है। ‘क्या, कैसे और क्यों’ जैसे प्रश्नों को जानने की इच्छा बालक में हमेशा रहती है, जो उसे सीखने के लिए प्रेरित करती है।
  • सीखना एक सक्रिय प्रक्रिया है: सीखने के लिए व्यक्ति को सदैव तत्पर और सक्रिय (Active) रहना होता है। सक्रिय रहने पर ही कोई बालक या व्यक्ति अधिक प्रभावी ढंग से सीख पाता है।
  • सीखना खोज है: सीखने के द्वारा ही नए ज्ञान की खोज होती है। किसी व्यक्ति में खोज करने की क्षमता जितनी अधिक होती है, वह उतनी ही शीघ्रता से किसी कार्य या बात को सीख लेता है।
  • सीखना सार्वभौमिक होता है: सीखना किसी एक जाति, वर्ग, आयु या लिंग की विरासत नहीं है। सभी प्राणी, चाहे वे किसी भी पृष्ठभूमि से संबंधित हों, सीखने की क्षमता रखते हैं। अधिगम एक ऐसी प्रक्रिया है जो सभी भेदभावों से परे है।
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