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अनुच्छेद 45 का प्रावधान :-
शिक्षा के महत्व को दृष्टिगत रखते हुए राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों में संविधान के अनुच्छेद 45 के अंतर्गत राज्य को 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। - 86वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 :-
संसद द्वारा 1 दिसंबर 2002 को 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाने हेतु 86वां संविधान संशोधन अधिनियम पारित किया गया। इसे 12 दिसंबर 2002 को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई तथा 13 दिसंबर 2002 को प्रकाशित किया गया। - संविधान में संशोधन :-
इस संशोधन के अंतर्गत संविधान में नया अनुच्छेद 21 (क) जोड़ा गया। साथ ही, अनुच्छेद 51 (क) के अंतर्गत मूल कर्तव्यों में 11वां कर्तव्य जोड़ा गया तथा अनुच्छेद 45 में भी संशोधन किया गया। - शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 :-
86वें संविधान संशोधन को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए “निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम” पारित किया गया। इसे राज्यसभा द्वारा 20 जुलाई 2009 तथा लोकसभा द्वारा 4 अगस्त 2009 को पारित किया गया। 26 अगस्त 2009 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के पश्चात 27 अगस्त 2009 को इसे गजट में प्रकाशित किया गया। - अधिनियम का क्रियान्वयन :-
इस अधिनियम के अंतर्गत संविधान के अनुच्छेद 21 (क) के तहत 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने का प्रावधान किया गया। यह अधिनियम 1 अप्रैल 2010 से पूरे भारत में लागू किया गया। - वैश्विक संदर्भ :-
भारत शिक्षा को बच्चों का मौलिक अधिकार घोषित करने वाला विश्व का 135वां देश बना।