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मूर्त चिंतन की अवस्था
- वैचारिक क्रिया की अवस्था
- शारीरिक एवं मानसिक विकास में स्थिरता
- यथार्थवादी दृष्टिकोण का विकास
- प्रशंसा पाने की चाहत
- संग्रह करने की प्रवृत्ति
- हीन भावना का शिकार होना
- शैक्षिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण काल
- आत्मनिर्भरता की भावना का विकास
- समलिंगी समूह की भावना
- जीवन का अनोखा काल
- नेता बनने की इच्छा
- प्रतिस्पर्धा की भावना का विकास
- हीन भावना का पुनः प्रभाव