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- वंशानुक्रम का सिद्धांत – इस सिद्धांत के अनुसार सृजनात्मकता जन्मजात होती है। यह बालक अपने पूर्वजों या माता-पिता से लेकर आता है।
- पर्यावरणीय सिद्धांत – यह वंशानुक्रम के विपरीत कहता है कि यह जन्मजात नहीं होती, अपितु इसका विकास पर्यावरणीय अनुभवों द्वारा होता है।
- सृजनात्मक स्तर का सिद्धांत – टेलर के अनुसार, कोई व्यक्ति उसी स्तर तक सृजनात्मकता का विकास कर सकता है, जिस स्तर तक उसकी क्षमता होती है।
- गेस्टाल्ट का सिद्धांत – इसके अनुसार सृजनात्मकता में अंतर्दृष्टि होती है, जो नए विचारों से उत्पन्न होती है।
- मनोवैज्ञानिक सिद्धांत – फ्रायड के अनुसार, व्यक्ति में सृजनात्मकता का विकास उसके अचेतन मन में संचित अतृप्त इच्छाओं के कारण होता है।